26 December 2019

जिंदगी गुलजार है


एग्जाम देकर सुबह जल्दी वाली ट्रेन से घर को लौट रहा था। एग्जाम देने के बाद मन को जो शांति का एहसास होता है वो सच में सुखद होता है स्पेशली जब एग्जाम अच्छा गया हो।मैंने भी सफर को यादगार बनाने के लिए डेविड बी मूर की किताब “स्टार बिनिथ ऑउर फीट” पढ़ना शुरू कर दिया। कुछ पन्ने पढ़ने के बाद ट्रेन के अंदर के शोर मुझे एकाग्रित होकर किताब नहीं पढ़ने दे रहा था। तब किताब को अपने बेग के ऊपर वाली पॉकेट में डाल कर ईयर फोन निकाल लिए। एक शो काफी समय से देखने की लिए पेंडिंग रखा था सोच वो देख लूँ। मैंने “जिंदगी गुलजार है” देखना शुरू किया। जिसका टाइटल सॉन्ग मुझे बहुत ही पसंद आया और बहुत मोटिवेशनल भी था जो कुछ इस तरह था।
जिंदगी गुलजार है हमको इस से प्यार है
यहा गमों को पालना बेकार है
आना एक बार है, खो देना बेकार है।

असल में यह कहानी है कश्यप और जारून की जहां एक तरफ कश्यप जो अभावों में पली बढ़ी है की जिंदगी तकलीफों से भरी है वहीं दूसरी तरह जारून जो अमीर परिवार में पैदा हुआ है। दोनों के अपनी  जिंदगी को देखने के परीद्रश्य अलग है।कश्यप अक्सर अपनी किस्मत को कोशती है और जारून बिल्कुल उसके विपरीत है। मैंने काफी सफर यह इस शो को देखते हुए ही निकाल लिया था। तभी अचानक से ट्रेन ने ब्रेक दिए और बिना किसी स्टेशन के ट्रेन के रुकने से सब लोग अचरज में थे। कुछ लोग नीचे भी उतरे यह देखने को आखिर ट्रेन आखिर क्यूँ रुकी है। कुछ देर बाद एक आदमी ने बताया की किसी ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्म हत्या की है। तब ट्रेन के बहुत से लोग देखने के लिए दौड़े जिसमें मैं भी शामिल था। मैंने वहाँ जाकर जो दृश्य देखा उसने भीतर तक मुझे हिला दिया सच में एक युवक ने आत्म हत्या की थी जिसकी एक टांग पटरी से 10-15 मिटर दूर एक झाड़ी के पास तथा धड़ तथा सिर एक दूसरे से अलग हुए पटरी के दूसरी तरफ पड़े थे। जबकि सारी आँते पटरी पर ही बिखरी पड़ी थी। कुछ पुलिस कर्मी उस बिखरे शरीर को समेटने की कोशिश कर रहे थे जो कभी वापस जुड़ नहीं सकता था। शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा वहाँ होगा जिसकी रूह ये सब देख के ना कांपी हो। क्या जिंदगी इतनी सस्ती हो गई है की उसे पटरियों पर यूं बिखेर दिया जाए। क्या गुजरी होगी उस माँ पर जिसने उस शरीर को बनाया और उसे एक बिखरे हुए माँस के कुछ लोथड़े वापस मिले। जिसे वो ढंग से देख भी नहीं सकती है। उस पल सोचा वो लड़का ट्रेन के आगे कूदने से पहले मेरे पास आता और में उसे ये लाइने सुनाता.....
जिंदगी गुलजार है, हमको इस से प्यार है। आना एक बार है, खो देना बेकार है।


©️Vikram N Khorwal

     

5 December 2019

सपने आँखों में चुभते है

सपने आँखों में चुभते है
नींद कहाँ से आएगी 
रात है बहुत बड़ी 
चुनौतियां भी हार जाएगी 

प्रबल हवाएं टहनियों से 
कुछ इस तरह से टकराएगी 
सुखी पतियों की तरह बाधाएं 
राह में बिखर जाएगी 

पथ में तेरी है जो कांटे 
फूल ब्याज जाएंगे 
नई सुबह का आगाज कर 
सुगंध वो फैलाएंगे 

तीर जब आँख को 
अर्जुन की तरह भेद पाएगी 
लक्ष्यों के बीच है जो दूरियाँ 
वो भी मिट जाएगी 


©️Vikram N Khorwal